Love Shayari


LOVE SHAYARI | ISHQ | MOHABBAT | BEPNAAH MOHABBAT|


राज़ खोल देते हैं नाजुक से इशारे अक्सर,
कितनी खामोश मोहब्बत की जुबान होती है।

संभाले नहीं संभलता है दिल,
मोहब्बत की तपिश से न जला,
इश्क तलबगार है तेरा चला आ, 
अब ज़माने का बहाना न बना।

मोहब्बत नाम है जिसका वो ऐसी क़ैद है यारों,
कि उम्रें बीत जाती हैं सजा पूरी नहीं होती।

टपकती है निगाहों से बरसती है अदाओं से,
मोहब्बत कौन कहता है कि पहचानी नहीं जाती।

जन्नत-ए-इश्क में हर बात अजीब होती है,
किसी को आशिकी तो किसी को शायरी नसीब होती है।

रोज साहिल से समंदर का नजारा न करो,
अपनी सूरत को शबो-रोज निहारा न करो,
आओ देखो मेरी नजरों में उतर कर खुद को,
आइना हूँ मैं तेरा मुझसे किनारा न करो।

लम्हों में क़ैद कर दे जो सदियों की चाहतें,
हसरत रही कि ऐसा कोई अपना तलबगार हो।

मत किया कीजिये दिन के
उजालों की ख्वाहिशें,
ये जो आशिक़ों की बस्तियाँ हैं
यहाँ चाँद से दिन निकलता है।

आँखों की चमक पलकों की शान हो तुम,
चेहरे की हँसी लबों की मुस्कान हो तुम,
धड़कता है दिल बस तुम्हारी आरज़ू में,
फिर कैसे ना कहूँ कि मेरी जान हो तुम।


मुझे तेरा साथ…जिंदगी भर नहीं चाहिये,
बल्कि जब तक तु साथ है…तब तक जिंदगी चाहिये!
सामने बैठे रहो दिल❤ को करार आएगा..
जितना देखेंगे तुम्हें उतना ही प्यार आएगा..
यूँ गुमसुम मत बैठो पराये लगते हो,
मीठी बातें नहीं है तो चलो झगड़ा ही कर लो.
सबको प्यारी हे अपनी ज़िन्दगी
पर तु मुझे ज़िन्दगी से भी प्यारी है


ASHIQ NAHI THA MAI ASHIQ BNA DIYA,
DEKH PYAR NE TERE MUJHE KYA SE KYA BNA DIYA,
LIKH MAI NHI PATA DO LAFZ PYAR K,
DEKH PYAR NE TERE MUJHE SAYAR BNA DIYA...

KABHI SAYAR TO KABHI ASHIQ KAH DIYA.
KABHI USNE MUJHE JAHIL DIWANA KAH DIYA,
LEKIN HAR NAM JO DIYE USNE,
SB ME EK KASIS THI USKI...

BHOOLANA TUJHE ASAN HOTA TO NA JANE KAB BHULA DETA,
TUJHE DIL K HR KONE SE NIKAL DIYA HOTA,
PR TUNE GHAR BNAYA H AISI JAGAH PE,
JANHA SE NIKALA JO TUJHE TO JAN BHI NIKAL JAYEGI..


WAQT KI KYA AUKAT JO HMSE ULAJHE,
KYU KI HAMASE ULAJHANE WALE AKSAR MIT JAYA KRTE H...

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