Picture shayari


मेरा दिल ही मेरा हरीफ़ बना बैठा है,
उस नामुराद के सबसे करीब बना बैठा है,
अब भूलूँ तो भूलूँ कैस उसे,
वो मेरी साँसों से उतर दिल पे कब्ज़ा किये बैठा है।।


सुना है अब वो डरने लगी है मेरी बेवफाई से,
अब वो मेरा दामन थाम, गैरों को अपना नहीं कहा करती।


छुपा रखा है, एक पत्थर ऐ इश्क़ तेरे नाम का सीने पे मैंने,
अब किसी और पर निशाना साधने से पहले मेरा ख्याल रखना।


न जाने क्यों ये उंगलियां काँपने लगी है,
सुन कर खबर तेरे चले जाने की,
लगता है अब इन्हें भी,
तेरी आदत हो चली है।।।


                हाथों में लेकर हाथ तेरा अब,
                दूर तलक मुझे जाना है,
                सागर की बूंदों संग अब मुझको घुल जाना है,
                तुम दो या न दो साथ मेरा,
                 बस मुझको चलते जाना है।

वक़्त तो लगेगा अभी घांव  भरने बाकी है,
अभी मुझपर बेवफाई के इल्ज़ाम लगने बाकी है,
तुझे भूल तो मैं आज ही जाऊं,
मगर अभी तेरे जख्मों के निशान मिटने बाकी है।

यूँही तेरी बाहों से लिपटे हुए,
मैं भी कुछ दूर दोश-ए-हवा पर सफर करूं।।

Shayri

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